इस दीपावली के उत्सव पर हमें केवल संकल्प नहीं बल्कि व्यवहार से भी कर के दिखाना है कि हम केवल मिट्टी के दिए जलाये और कुम्हारों और बत्ती बनाने वालों के लिए नयी उम्मीद जगाएं। इसका दूर गामी असर होंगे। अगर केवल एक शहर के लोगों ने भी ये निर्णय सही तरीके से और पूरे निष्ठा से लागू कर दिया तो वो दिन दूर नहीं जब पर्यावरण पर इसका असर दिखाई देने लगेगा और व्यर्थ में मोमबत्ती का धुआं और बची हुयी मोमबत्ती की गन्दगी से भी छुटकारा मिल जायेगा जो कि ज़ल्दी साफ़ नहीं होता और वर्ष दर वर्ष बना रहता है।
दिए से ये लाभ है कि इसकी सफाई ज़ल्दी हो जाती है और बच्चे इससे खेल कर मन भी बहलाते है और यदि कोई दिया टूट गया तो पर्यावरण पर इसका धनात्मक प्रभाव ही पडेगा। कितने ही परिवारों कि रोजी रोटी की समस्या का समाधान होगा।
ये मानने में मुझे कोई शंका नहीं है कि लोगों की आदते बदलने में थोडा समय लगेगा और विरोध भी झेलना पड़ सकता परन्तु मेरा मानना है ज्यादातर लोग दिया ही जलाना चाहते है परन्तु इसमें असुविधा समझ कर
मोमबत्ती और बिजली का सहारा लेते है।
मेरा पूर्ण विश्वास है कि अगर हमने दस परिवारों को भी इसके लिए तैयार कर लिया तो दस वर्षों के बाद परिवेश बदला नज़र आएगा।
दिए से ये लाभ है कि इसकी सफाई ज़ल्दी हो जाती है और बच्चे इससे खेल कर मन भी बहलाते है और यदि कोई दिया टूट गया तो पर्यावरण पर इसका धनात्मक प्रभाव ही पडेगा। कितने ही परिवारों कि रोजी रोटी की समस्या का समाधान होगा।
ये मानने में मुझे कोई शंका नहीं है कि लोगों की आदते बदलने में थोडा समय लगेगा और विरोध भी झेलना पड़ सकता परन्तु मेरा मानना है ज्यादातर लोग दिया ही जलाना चाहते है परन्तु इसमें असुविधा समझ कर
मोमबत्ती और बिजली का सहारा लेते है।
मेरा पूर्ण विश्वास है कि अगर हमने दस परिवारों को भी इसके लिए तैयार कर लिया तो दस वर्षों के बाद परिवेश बदला नज़र आएगा।
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