Sunday, 1 January 2017

Bakhira taal , migrating birds and dummping of garbage

आज मैं पूरे परिवार के साथ संत कबीर नगर ज़िले में स्थित बखिरा नामक कसबे में बखिरा नाम के विशाल ताल को देखने गया था। इस ताल के विषय में प्रसिद्ध है कि यहाँ साइबेरिया से प्रवासी पक्षी हर वर्ष शीत ऋतु में बड़ी संख्या में आते है और पूरे  शीत ऋतु में पूरे इलाके की शोभा बढ़ाते है। किन्तु वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस ओर से पूरी तरह उदासीन है। वहां जाने पर ज्ञात हुआ कि वहां पर एक कार्यालय स्थापित है जो कि वन विभाग , सोहगीबरवा द्वारा संचालित है परंतु वो कार्यालय केवल सैलानियों से ३० रुपये लेकर एक पुरानी सी नाव पर एक छोटी दूरी के जल विहार के लिए ही है। पूरे कार्यालय , अथवा पूरे क्षेत्र में कही भी पेय जल और शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है।  जनता खुले में ही प्राकृतिक दबाव को शमन करने के लिए भी मज़बूर है और कोई भी कर्मचारी सहयोग के लिए उपस्थित नहीं है।
नाविक से ही पता चला कि यहाँ के सांसद श्री शरद त्रिपाठी कभी भी यहाँ नहीं आये और नही ही कभी भी यहाँ की सुध नहीं ली। पूरे ताल के बड़े हिस्से में भयानक गंदगी फैलायी गयी जो कि संभवतः सैलानियों का ही चमत्कार है। इस गन्दगी से उस हिस्से में भयानक सड़ांध है और कीचड है।  १०० मीटर के बाद ताल का साफ़ पानी दिखाई देता है, जिसमे जलीय जंतु और वनस्पतियों का अच्छा विस्तार है और पक्षियों के भोजन के काम आता है।  यदि हमारे आदरणीय सांसद जी उस स्थान का अवलोकन कर के सही मात्रा में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करा सके जिसमे मुख्य सड़क से वहां तक जाने का कच्चा रास्ता का विस्तार और नवीनी करण भी सम्मिलित है।  ताल की नियमित सफाई और सैलानियों पर नियंत्रण कर सके तो ताल लखनऊ के गोमती तट या वाराणसी के घाटों की भांति स्वच्छ और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हो जायेगा और पूरे क्षेत्र का विकास उसके साथ ही हो जायेगा। भारी मात्रा में रोज़गार का भी सृजन भी होगा क्योंकि हर काम के लिए आदमी चाहिए होंगे और पर्यटन के विस्तार से उनको पैसा देने में भी आसानी होगी।
पक्षियों को भोजन और साफ़ जल मिलेगा तो वे भी अधिक संख्या में वहां आएंगे और अधिक संख्या में वहां ठहरेंगे।
नौकायन केंद्र का विस्तार और कुछ नयी नौकाएं भी आवश्यक है और  साथ सैलानियों को भी समझना होगा कि गन्दगी और सड़ांध फैला कर हम अपना ही अपमान कर रहें है साथ ही लंबे समय के लिए भविष्य को ख़राब कर रहे है।  यदि हम अपने ऊपर नियंत्रण कर के सरकार द्वारा दी गयी सुविधाओं का सही ढंग से प्रयोग करे तो सुविधाएँ लंबे समय के लिए हमारे काम आएंगी और सही प्रचार से विदेशी सैलानी भी आ सकते है।  जिससे पूरे क्षेत्र की और जनता की सूरत बदल जाएगी