आज मेरे एक मित्र ने सुझाव माँगा कि वो अपनी पुरानी नौकरी छोड़ यदि अपनी एक गौशाला खोलें तो कैसा व्यवसाय रहेगा ,मैंने उनको सुझाव दिया कि यदि वो अपनी गौशाला में गाय खरीदने के स्थान पर शहर की कुछ घूमती हुई गायों को अपने संरक्षण में ले कर उनकी देखभाल करें और उनके स्वास्थय के सुधर जाने पर
उनसे दूध का वयवसाय का आरम्भ करें तो संभव है कि आप का व्यापार कम पूँजी में भी शुरू हो जाये और केवल गायों के भोजन और औषधि और सही देखभाल से ही कार्य शुरू हो जाये . इससे गायों की भी स्वास्थ्य रक्षा होगी और शहर में भी सफाई रहेगी। वो मेरी बात सुन कर हंस कर चले गए किन्तु मेरे बात पर यदि उन्होंने ज़रा भी गंभीरता से सोचा और उस पर १% भी कार्य किया तो संभव है कि कुछ नयी शुरुआत हो सके।
वैसे तो विचार देने वाले की ही पहली ज़िम्मेदारी होती है परन्तु मेरा मित्र शुरुआत करता है तो ये भी एक
अच्छी घटना होगी और संभव है कि उनसे प्रेरणा लेकर और लोग भी इस कार्य में संलग्न हो और मेरे शहर के मुख्य मन्दिरं में भी जहाँ एक वृहद् गौशाला है , वहां भी ये कार्य आरंभ हो और गायों और शहर की तस्वीर बदल जाए
उनसे दूध का वयवसाय का आरम्भ करें तो संभव है कि आप का व्यापार कम पूँजी में भी शुरू हो जाये और केवल गायों के भोजन और औषधि और सही देखभाल से ही कार्य शुरू हो जाये . इससे गायों की भी स्वास्थ्य रक्षा होगी और शहर में भी सफाई रहेगी। वो मेरी बात सुन कर हंस कर चले गए किन्तु मेरे बात पर यदि उन्होंने ज़रा भी गंभीरता से सोचा और उस पर १% भी कार्य किया तो संभव है कि कुछ नयी शुरुआत हो सके।
वैसे तो विचार देने वाले की ही पहली ज़िम्मेदारी होती है परन्तु मेरा मित्र शुरुआत करता है तो ये भी एक
अच्छी घटना होगी और संभव है कि उनसे प्रेरणा लेकर और लोग भी इस कार्य में संलग्न हो और मेरे शहर के मुख्य मन्दिरं में भी जहाँ एक वृहद् गौशाला है , वहां भी ये कार्य आरंभ हो और गायों और शहर की तस्वीर बदल जाए
No comments:
Post a Comment