जिस उम्मीद से प्रदेश की जनता ने एक पुरानी पार्टी के नए नौजवानों के आह्वान पर समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत से स्वीकार किया , वह उम्मीद अब टूटती नज़र आ रही है क्योंकि प्रदेश के किसी भी नागरिक को अपनी सुरक्षा का विश्वास नहीं रह गया है। पूरे प्रदेश में लूट मार और छीना झपटी और हत्याओं और तेजाब फेकने जैसी घटनाओं में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही हैं। मुख्यमंत्री को सत्ता सँभालते ही अपराधिक सलामियों की घटनाएँ बढ गयीं है। प्रदेश की पुलिस अपनी उच्चतम अधिकारी के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना कर रही है , जिसकी ताज़ा मिसाल गोरखपुर के दौरे में ही दिख गयी , हर नागरिक ने सोच कर चैन की सांस ली थी कि पुलिस अपने आका के निर्देशानुसार सीमा निर्धारण छोड़ कर पहले समस्या को समझ कर उसके निस्तारण का प्रयास करेगी , परन्तु पुलिस ने एक युवती के शव के पंचनामे को भरने और उसको उठाने में ही कई दिन लगा दिए। संभव है की सभी घटनाओं की सूचना पुलिस प्रमुख को तत्काल नहीं मिलती परन्तु समाचार पत्रों ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था , जिससे सभी समाचार पढने वाले इसे समझ गए होंगे कि
प्रदेश में संवेदनशीलता की क्या स्थिति है?
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