समाजवादी पार्टी के सरकार के तीन वर्ष बीतने जा रहे है और हर वर्ष में अपराधों की संख्या और करने वाले माननीयों के नए नाम भी जुड़ते जा रहे है। नवीनतम जो घटनाये हुई है उसमे से एक जून को मंत्री राममूर्ति द्वारा पत्रकार जगेंद्र की जला कर हत्या करना और १२ जून को कुछ लोगो द्वारा बहराइच में सूचना अधिकार कार्यकर्ता की पीट पीट कर हत्या एक जघन्य अपराध हुआ है जिसकी निंदा करना भी शर्मनाक है। अपराध और समाजवादी पार्टी एक दूसरे के निकटतम पर्याय बन चुके है। सरकार के मुखिया और निकटतम सहयोगी मंत्री को बचाने के लिए सारे बेशर्म प्रयास कर रहे हैं , जिसमे उसके परिवार को आर्थिक लालच और परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी का भी प्रस्ताव दिया गया है.
सरकार की निरंकुशता और ताक़त का अंदाज़ा अब आदमी को पूरी तरह हो गया है , अगर आपके पास समाजवादी पार्टी का झंडा और बिल्ला है तो आपके लिए सब काम आसान है अन्यथा सब टेढ़ी खीर है।
पता नहीं इन सबसे प्रान्त की जनता को मुक्ति कब मिलेगी।
सरकार की निरंकुशता और ताक़त का अंदाज़ा अब आदमी को पूरी तरह हो गया है , अगर आपके पास समाजवादी पार्टी का झंडा और बिल्ला है तो आपके लिए सब काम आसान है अन्यथा सब टेढ़ी खीर है।
पता नहीं इन सबसे प्रान्त की जनता को मुक्ति कब मिलेगी।
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