Saturday, 4 April 2015

Sayunkta rashtra sangh aur ataankvad

जैसा की मैंने ३१ मार्च के ब्लॉग में चर्चा की थी कि , इस्लामी आतंकवाद पर संघ की प्रतिक्रिया और कदम कितने कमज़ोर और देर से उठाये गए है।  इन्ही बातों पर सुहासिनी हैदर जी ने अपने एक तारिख के the hindu के सम्पादकीय खंड के लेख में चर्चा की है और उन्होंने अधिक विस्तार से और गहराई में जाकर सभी देशो के प्रतिक्रियात्मक आक्रमणों का उल्लेख किया है और ये भी बताया है कि , किस प्रकार ये प्रतिरोधी आक्रमण निस्तेज थे. 
आखिरकार सयुंक्त राष्ट्र संघ किस वक्त और किस आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है।  क्या वो उस दिन का इंतज़ार कर रहा है , जिस दिन दुनिया पर आतंकी संगठनो का  ही राज़ हो जायेगा।  सुहासिनी जी ने भी चर्चा की है , और हम सबने भी प्रचार माध्यमो से देखा है कि ,किस प्रकार ये आतंकी हर देश और समाज के लोगो को अपना निशाना बना रहे है।  ये चाहते है कि सब इनसे डरे और समाज से पहले सयुंक्त राष्ट्र संघ ही भयभीत प्रकट हो रहा है. आखिर इस भय का क्या समाधान है??? 

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